शराब ठेकेदारों ने एक बार फिर मोटी कमाई करने शराब सिंडीकेट बना लिया है। बताया जा रहा है कि यह शराब सिंडीकेट सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे के संरक्षण में शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे के दबाव में बनाया गया है। जानकारी यह भी है कि कुछ ठेकेदार इस शराब सिंडीकेट में शामिल होने से इनकार कर रहे थे, लेकिन सहायक आयुक्त और शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे के दबाव के चलते उनकी एक नहीं चली। लेकिन शराब सिंडीकेट में शामिल न होना एक शराब ठेकेदार को भारी भी पड़ गया। ठेकेदार द्वारा सिंडीकेट में शामिल होने से मना करने पर आशीष शिवहरे ने अपने गुर्गों को भेजकर शराब दुकान में तोडफ़ोड़ करवा दी। वहीं आरोपियों द्वारा धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना की शिकायत शराब ठेकेदार द्वारा मदन महल थाने में की गई है। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।

एकछत्र राज चलाना चाहता है आशीष शिवहरे

जानकारी अनुसार शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे शहर में अपना एक छत्र राज चलाना चाहता है। जिसके चलते ही उसने सहायक आबकारी आयुक्त के साथ मिलकर शहर में एकबार फिर शराब सिंडीकेट अन्य ठेकेदारों पर दबाव बनाकर बना लिया है। बताया जा रहा है कि शराब ठेकेदार आयोध्या प्रसाद राय द्वारा शराब सिंडीकेट में शामिल होने से मना कर दिया गया था। जिसके बाद लगातार उसपर सिंडीकेट में शामिल होने के दबाव बनाया जा रहा था। लेकिन उन्होंने सिंडीकेट में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। जिसके बाद अशीष शिवहरे के गुर्गों द्वारा उनकी लिंक रोड स्थित शराब दुकान दुकान में तोडफ़ोड़ कर कर्मचारियों पर चाकू से हमला कर घायल कर दिया। इतना ही नहीं आरोपी दुकान से रूपये और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी ले गए।

पुलिस कर रही जांच

मामले में लिंक रोड स्थित शराब दुकान के संचालक राकेश राय ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसे पिछले कुछ दिनों से आशीष शिवहरे के लड़के दुकान के सामने गाड़ी लगाकर परेशान कर रहे है। ताकि मैं अपनी दुकान छोड कर चला जाऊ क्योंकि मै अन्य जिले से आकर टुकान का संचालन कर रहा हूं। वहीं उनके ठेकेदार को सिंडीकेट में शामिल होने का भी दबाव बनाया जा रहा है। 20 दिसंबर को रात लगभग 8:55 बजे उसे मोनू राय (संचालक कार्क बार बल्देवबाग) के मोबाइल नंबर 9926224866 से फोन आया तो दूसरे तरफ से आशीष शिवहरे बात कर रहा था, जो कि उसे गाली-गलौज कर दुकान खाली करने के लिए धमका रहा था। जब उसने विरोध किया तो वह जान से मारने की धमकी देने लगा। जब वह रिपोर्ट करने थाने जाने लगा तो थाने के समीप दुकान में कार्यरत एक कर्मचारी का फोन आया कि दुकान में कुछ लोगों ने आकर तोडफ़ोड़ कर कर्मचारियों के साथ मारपीट कर रहे है। इसके बाद वह तत्काल दुकान पहुंचा जहां रास्ते में उसे दुकान के लड़के अनिकेत रजावत, अमित राय, देवेन्द्र राय, लवकुश राय मिले जिन्होंने बताया कि आशीष शिवहरे के गुर्गों ने दुकान में तोडफ़ोड़ कर कर्मचारियों को हथियार से हमला कर घायल कर दिया है। घटना में दुाकन कर्मचरी अनिकेत रजावत को दोनो पैरों में गंभीर चोटे आई हैं, जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरु कर दी है।

72 करोड़ का घोटाला-ईडी से पड़ा पाला

शराब सिंडीकेट बनने के बाद सहायक आयुक्त संजीव दुबे की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं। कुछ माह पहले भी सहायक आयुक्त संजीव दुबे ने बरेला दुकान चैकिंग के नाम पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर दी थी। मामले का वीडियो भी वायरल हुआ था। वहीं शराब ठेकेदार द्वारा मामले में पुलिस शिकायत भी की गई थी। इतना ही नहीं इंदौर में फर्जी चालान के माध्यम से हुए लगभग 72 करोड़ के घोटाले में भी सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे से ईडी द्वारा पूछताछ की गई थी।

न्यूज़ सोर्स : जबलपुर से अरविंद देवक