अमन श्रीवास्तव ने निर्देशन में किया डेब्यू, यंग थिंकर फिल्म की फिल्म अंतरराष्ट्रीय मंच पर

छोटे समय में बड़ी कहानी कहने की ताकत रखने वाली शॉर्ट फिल्म ‘प्यासा भविष्य’ ने खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 में अपनी जगह बनाई है। मात्र 2 मिनट की यह फिल्म अपनी सशक्त पटकथा, अभिनव प्रस्तुति और भावपूर्ण संदेश के कारण अंतरराष्ट्रीय जूरी द्वारा सराही गई।

अमन श्रीवास्तव का निर्देशन डेब्यू

इस फिल्म का निर्देशन अमन श्रीवास्तव ने किया है, जो लंबे समय तक अभिनय की दुनिया में सक्रिय रहे और अब निर्देशन की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। ‘प्यासा भविष्य’ उनके निर्देशन का पहला प्रोजेक्ट है, जिसे उन्होंने अपने विभागीय प्रोजेक्ट के रूप में तैयार किया। अमन ने सीमित समय में गहरी और प्रभावशाली कहानी प्रस्तुत करके यह साबित किया कि संकल्प, रचनात्मकता और मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।

पत्रकारिता के छात्रों सक्रिय योगदान

फिल्म का निर्माण यंग थिंकर फिल्म प्रोडक्शन टीम ने किया, जिसमें माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के छात्रों ने सक्रिय योगदान दिया। इस टीम ने न केवल तकनीकी दृष्टि से उत्कृष्ट काम किया बल्कि फिल्म की भावनात्मक गहराई को भी बखूबी प्रस्तुत किया। फिल्म की पटकथा आयुषी कुमारी ने लिखी, जबकि प्रोडक्शन का समन्वय अनुराग राय ने संभाला। मुख्य भूमिकाओं में कुमार विष्णुकांत और श्रेया पांडे ने अपने अभिनय से कहानी को जीवंत बना दिया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर युवा कलाकारों की कहानी

इस अंतरराष्ट्रीय चयन ने न केवल टीम के लिए बल्कि पूरे स्टूडेंट फिल्म निर्माण के क्षेत्र के लिए गर्व का अवसर प्रस्तुत किया। यह दिखाता है कि सीमित समय, संसाधनों और अनुभव के बावजूद नवीन सोच और सशक्त कहानी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँच सकती है। ‘प्यासा भविष्य’ की यह उपलब्धि भविष्य के युवा फिल्म निर्माताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो साबित करती है कि छोटे प्रयास भी बड़े सपनों की ओर मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

इस सफलता ने यह संदेश दिया है कि भारतीय स्टूडेंट फिल्म निर्माण में प्रतिभा और क्रिएटिविटी का स्तर विश्वस्तरीय है और युवा फिल्मकार अपने अनूठे दृष्टिकोण से दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं।

न्यूज़ सोर्स : Baba media