मध्य प्रदेश में धर्म और राजनीति का संगम डबरा से रीवा तक संदेश क्या?
मध्य प्रदेश की राजनीति इन दिनों अलग-अलग जिलों में अलग-अलग रंग दिखा रही है। एक ओर डबरा में श्री नवग्रह सिद्ध पीठ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है, जिसमें पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सक्रिय मौजूदगी और पूजा-पाठ ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है,,,
वहीं दूसरी ओर रीवा में उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल द्वारा बसामन मामा गौ वंश वन्य विहार में राजेंद्र दास जी महाराज की कथा का आयोजन चर्चा में है,,,,
दो अलग जिले, दो बड़े नेता और धार्मिक आयोजनों के जरिए अपनी-अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश राजनीतिक गलियारों में इसे महज आध्यात्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि रणनीतिक उपस्थिति के रूप में भी देखा जा रहा है,,,,
डबरा में कथा और प्राण प्रतिष्ठा के जरिए शक्ति प्रदर्शन का संदेश साफ नजर आता है। पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में उमड़ने वाली भीड़ और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की सक्रियता क्षेत्रीय समीकरणों को साधने का संकेत मानी जा रही है,,,
उधर रीवा में उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की मौजूदगी में कथा का आयोजन, धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक संवाद का मंच भी बन रहा है,,,,
बसामन मामा गौ वंश वन्य विहार में चल रही कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है,,,
हालांकि इन धार्मिक आयोजनों के बीच आम जनता के अपने सवाल हैं,,,
रीवा शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं सड़कों पर जाम, अव्यवस्थित ट्रैफिक और प्रशासनिक ढिलाई को लेकर लोगों में नाराजगी भी है,,,,
शहरवासियों का कहना है कि जब शीर्ष नेतृत्व धार्मिक आयोजनों में व्यस्त नजर आता है, तब बुनियादी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी कौन संभाल रहा है क्या कथा और आस्था के इन आयोजनों से जनता की रोजमर्रा की परेशानियों का हल निकल पाएगा,,,,
राजनीतिक संदेश या आध्यात्मिक पहल
विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में धार्मिक आयोजनों की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है,,,,
आस्था का मंच जनसमर्थन को साधने का सशक्त माध्यम बन जाता है ऐसे में डबरा और रीवा के आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि क्षेत्रीय प्रभाव और राजनीतिक मजबूती का प्रदर्शन भी माने जा रहे हैं,,,
अब देखना यह होगा कि इन कथाओं के बीच जनता की मूल समस्याओं पर कितनी गंभीरता से काम होता है। क्योंकि अंततः आस्था अपनी जगह है, लेकिन सड़कों, यातायात, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है,,,,
मध्य प्रदेश की राजनीति में धर्म का यह अध्याय आगे कौन सा मोड़ लेता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं,,,
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