Ratlam Dog Sterilization Scam

कुत्तों की नसबंदी पर नगर निगम में करोड़ों का बड़ा घोटाला 

अजब मध्य प्रदेश में गजब का मामला है. कुत्तों की नसबंदी के नाम पर भी करोड़ों का घोटाला कर दिया गया. रतलाम शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं के बीच अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. 

मध्य प्रदेश अजब गजब है अब रतलाम शहर में कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के कथित घोटाले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है, इस मामले में लोकायुक्त जांच लगभग पूरी हो चुकी है, वहीं संभागायुक्त ने नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, लोकायुक्त उज्जैन द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भोपाल भेज दी गई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

इस पूरे मामले की शिकायत वार्ड क्रमांक 1 की कांग्रेस पार्षद भावना हितेश पैमाल ने लोकायुक्त और संभागायुक्त से की थी, पार्षद ने नगर निगम के सम्मेलन में भी कुत्तों के बधियाकरण में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था।

नगर निगम ने अपने जवाब में दावा किया था कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच करीब 2 करोड़ 58 लाख रुपये खर्च कर 33 हजार 630 कुत्तों का बधियाकरण किया गया, लेकिन निगम के इस दावे पर तब सवाल खड़े हो गए, जब स्वास्थ्य विभाग द्वारा अगस्त माह में शहर के पांचों जोन में कराए गए सर्वे में सिर्फ 2204 बधियाकरण किए गए कुत्ते ही पाए गए, वहीं 3111 कुत्ते ऐसे मिले, जिनका अब तक बधियाकरण नहीं हुआ है।

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, जब जमीनी स्तर पर केवल 2204 बधियाकरण किए गए कुत्ते मिले, तो निगम द्वारा बताए गए 33 हजार 630 कुत्तों में से करीब 31 हजार 426 कुत्ते आखिर कहां हैं, इसका कोई ठोस जवाब अधिकारियों के पास नहीं है, इसी वजह से खर्च की गई करोड़ों की राशि पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

लोकायुक्त जांच में यह भी सामने आया है कि बधियाकरण किए गए कुत्तों का फिजिकल वेरिफिकेशन किए जाने का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है। संभागायुक्त के नोटिस के बाद ठंडा पड़ा यह मामला अब फिर से सुर्खियों में है और आने वाले दिनों में इसमें बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

न्यूज़ सोर्स : शाबीर मंसूरी संवाददाता मध्य प्रदेश