सांसद से लेकर विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष पंच सरपंच से लेकर हर जनप्रतिनिधि आदिवासी समाज से फिर भी ऐसी अव्यवस्था कैसी 

शायद ps अनुराग जैन साहब ने सही बया किया है

प्राचार्य व संस्था के प्रमुखों मनमानी के खिलाफ छात्राओं का 17 किलोमीटर पैदल मार्च 

आम्बुआ से आलिराजपुर की दूरी 17 किलोमीटर पैदल चल कर जा रहे हैं छात्राएं 

बीच रास्ते में आलिराजपुर के घने जंगलों से गुजरना पड़ रहा है 

यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो आखिर जवाब देही किसकी 

सरकार मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिलों में आदिवासी समाज की छात्र-छात्राओं के उच्च शिक्षा के लिए करोड़ों रुपए भवन का निर्माण कर उस भवन में उच्च शिक्षा हो भवन निर्माण किया गया आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में लाखों रुपए खर्च कर रही है परंतु धरातल पर सब शून्य नजर आ रहा है पहले झाबुआ जिले के छात्रावास में रह रहे आदिवासी बच्चों ने आवासीय छात्रावासों की अव्यवस्था के बारे में जिला प्रशासन को चेताया परंतु आवासीय छात्रावास में अव्यवस्था में सुधार नहीं हुआ आज पुनः झाबुआ जिले के समीप अलीराजपुर जिले के आंबुआ के एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं के द्वारा आज सुबह से ही बड़ी संख्या में पैदल चलकर जिला मुख्यालय अलीराजपुर पैदल मार्च कर एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थी प्राचार्य और संस्था के अव्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतर आए वहीं विद्यार्थियों ने प्राचार्य की कार्य प्रणाली से संतुष्ट नहीं होने से वह वह प्राचार्य को हटाने की मांग भी कर रहे हैं रास्ते में एसडीएम तपिश पांडे ने उन्हें रोका भी और समझाया परंतु विद्यार्थी नहीं माने और जिला मुख्यालय अलीराजपुर कलेक्टर से मिलने के लिए निकल पड़े..!!

न्यूज़ सोर्स : शाबीर मंसूरी संवाददाता मध्य प्रदेश