“जहाँ चाह—वहाँ राह” : जनसहयोग, तत्परता और तकनीकी मार्गदर्शन से झाबुआ को मिला नया मार्ग

नगरपालिका अध्यक्ष कविता सिंगार, उपाध्यक्ष लाखन सिंह सोलंकी, पार्षद विजय चौहान, बिट्टू सिंगार व तकनीकी जानकार बिपिन पंचाल के प्रयास रंग लाए; नाला सफाई के बाद बना मार्ग, सीमांकन की प्रक्रिया शुरू

झाबुआ नगर में वर्षों से गंदगी, झाड़ियों और अव्यवस्था से घिरे नाले की सफाई के बाद अब क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगे हैं। नगरपालिका की सक्रियता, जनसहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन के संयुक्त प्रयास से नाले के किनारे आवागमन योग्य मार्ग तैयार हुआ है, जिससे नागरिकों को तत्काल सुविधा मिल रही है।

नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती कविता सिंगार, उपाध्यक्ष श्री लाखन सिंह सोलंकी, पार्षद श्री विजय चौहान तथा बिट्टू सिंगार की कार्य-तत्परता और समन्वय की नगरवासियों द्वारा सराहना की जा रही है। सफाई कार्य के दौरान मौके पर निगरानी और त्वरित निर्णय से कार्य अपेक्षा से अधिक तेजी से पूरा हुआ।

बिपिन पंचाल की अपील काम आई 

जनसहयोग से तैयार हुआ मार्ग

इस कार्य में तकनीकी जानकार श्री बिपिन पंचाल ने स्थल निरीक्षण कर मार्गदर्शन दिया और नागरिकों से जनसहयोग की अपील की। अपील का सकारात्मक परिणाम सामने आया और लोगों के सहयोग से मार्ग निर्माण का कार्य आगे बढ़ा।

जनसहयोग से—

मार्ग के लिए आवश्यक मिट्टी कार्य कराया गया,उसके ऊपर हार्ड मुर्रम डलवाई गई,

तथा मार्ग को मजबूत बनाने के लिए रोलर से कम्पेक्शन किया गया। इन प्रयासों से कम समय में उपयोगी मार्ग तैयार हो सका, जिससे पैदल एवं दोपहिया आवागमन सुगम हुआ और नागरिकों को तत्काल राहत मिली।

पहली गाड़ी निकली*— मार्ग उपयोगी सिद्ध

मार्ग तैयार होने के बाद परीक्षण के रूप में नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री लाखन सिंह सोलंकी की इनोवा इस मार्ग से निकाली गई, जिससे मार्ग की उपयोगिता और मजबूती स्पष्ट हुई।

7 फरवरी 2026: सीमांकन की प्रक्रिया शुरू

आगे की कार्यवाही के तहत दिनांक 7 फरवरी 2026 को तहसीलदार मौके पर पहुंचे और सीमांकन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। सीमांकन होने से नाले की भूमि की स्थिति स्पष्ट होगी और भविष्य में स्थायी सड़क निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने की संभावना है।

सकारात्मक पहल बना उदाहरण

नगरवासियों का मानना है कि यह कार्य केवल एक अस्थायी मार्ग नहीं, बल्कि यह उदाहरण है कि जब प्रशासनिक तत्परता, तकनीकी ज्ञान और जनसहयोग एक साथ आते हैं, तो शहर की पुरानी समस्याओं का समाधान संभव हो जाता है।

झाबुआ में यह पहल अब एक प्रेरणादायक और सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है, जिससे आगे स्थायी विकास कार्यों की उम्मीद और मजबूत हुई है।

न्यूज़ सोर्स : शाबीर मंसूरी संवाददाता मध्य प्रदेश