सबरीमाला सोने की चोरी की घटना से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को टीडीबी की पूर्व सचिव एस जयश्री ईडी के सामने पेश हुईं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। यह जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है। द्वारपाल (संरक्षक देवता) की थालियों से कथित रूप से गायब हुए सोने से संबंधित मामले में चौथी आरोपी जयश्री को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गई।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में  उनका नाम आरोपी के रूप में दर्ज 

अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज किए गए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी उनका नाम आरोपी के रूप में दर्ज किया गया। उन्होंने आगे बताया कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा जारी किए गए समन के बाद, जयश्री सुबह करीब 10 बजे यहां ईडी कार्यालय पहुंचीं। इससे पहले ईडी ने इस मामले के संबंध में एस श्रीकुमार और मुरारी बाबू सहित त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ की थी। जयश्री के खिलाफ आरोप यह है कि जब 2019 में सबरीमाला मंदिर की कलाकृतियों को दोबारा पॉलिश करने के लिए भेजा गया था, तब वह टीडीबी की सचिव के रूप में कार्यरत थीं।हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में, जयश्री ने यह दावा किया कि उन्होंने बोर्ड के निर्देशों पर ही कार्रवाई की थी। श्रीकोविल (पवित्र स्थान) के दरवाजों के चौखटों से कथित तौर पर सोना गायब होने से संबंधित दूसरे मामले में जयश्री को आरोपी नहीं बनाया गया है, जिसकी जांच भी एसआईटी द्वारा की जा रही है।