“औकात में रहो” टिप्पणी पर विधानसभा में हंगामा, मंत्री के बयान से गरमाया सदन, CM और मंत्री ने मांगी माफी

मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच बहस इतनी बढ़ी कि सदन में हंगामा खड़ा हो गया।

अदाणी समझौते पर छिड़ी बहस

चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार और Adani Group के बीच हुए कथित समझौते का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि बिजली खरीद के नाम पर अगले 25 वर्षों में 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आरोपों के प्रमाण मांगे। सिंघार ने कहा कि उनके पास सबूत हैं और वे प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच तनातनी बढ़ गई।

 “औकात में रहो” पर भड़का विपक्ष

बहस के दौरान विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से “औकात में रहने” की टिप्पणी की। इस कथन के बाद विपक्षी विधायक खड़े हो गए और सदन में हंगामा तेज हो गया। कुछ समय तक कार्यवाही प्रभावित रही।

उमंग सिंघार का पलटवार

घटना के बाद उमंग सिंघार ने बयान जारी कर कहा कि उनकी “औकात” मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवाल उठाने की है। उन्होंने इसे प्रदेश की जनता का अपमान बताया और कहा कि लोकतंत्र में असली ताकत जनता के पास होती है, न कि कुर्सी के पास।

मंत्री ने जताया खेद

विवाद बढ़ने पर कैलाश विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार पर अप्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि 37 वर्षों के राजनीतिक जीवन में ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने माना कि संसदीय मर्यादाओं का पालन सभी को करना चाहिए और कहा कि वे अपने व्यवहार से दुखी हैं।

CM मोहन यादव ने मांगी माफी

मामले को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यदि जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हैं तो वे माफी मांगते हैं।

इस पर उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री के भाव का सम्मान करते हुए कहा कि यदि उनकी ओर से भी कुछ अनुचित हुआ है तो वे भी खेद व्यक्त करते हैं।

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों का आभार व्यक्त किया और नेता प्रतिपक्ष को राज्यपाल के अभिभाषण पर अपना वक्तव्य जारी रखने को कहा।

न्यूज़ सोर्स : Moin Khan