भोपाल। थाना पिपलानी क्षेत्र में मानवता और सतर्कता का सराहनीय उदाहरण सामने आया है। 18 फरवरी 2026 को शाम लगभग 6 बजे एक राहगीर को करीब 3 वर्षीय अबोध बालिका शिवांगी अकेली भटकती हुई मिली, जो केवल अपना नाम बता पा रही थी, लेकिन अपना पता नहीं बता सकी।

राहगीर द्वारा बालिका को पुलिस चौकी आनंद नगर लाया गया, जहां उसे महिला आरक्षक रेखा अहिरवार (आर. 2165) के सुपुर्द किया गया। पुलिस द्वारा बच्ची से पूछताछ की गई, जिसमें वह अपनी माता का नाम “काजल गिरी” तुतलाकर बता रही थी।

नाम और सरनेम के आधार पर चौकी में ड्यूटीरत प्रधान आरक्षक सफरूल्ला एवं महिला आरक्षक रेखा अहिरवार ने 112 मोबाइल की मदद से बिजली कॉलोनी, नया शिव नगर और पुराना शिव नगर क्षेत्र में अनाउंसमेंट कराया।

अनाउंसमेंट के दौरान एक स्थानीय निवासी ने जानकारी दी कि गिरी परिवार बिजली नगर कॉलोनी के निचले हिस्से में रहता है। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और वहां भी घोषणा कराई। कुछ ही देर में एक महिला रोती-बिलखती हुई पहुंची और बच्ची को अपनी बेटी बताया।

तस्दीक के बाद बालिका को उसके माता-पिता—

बृजेश गिरी (उम्र 32 वर्ष), पिता शिव मुनिगिरी, निवासी मकान नंबर 35, बिजली नगर कॉलोनी, आनंद नगर, पिपलानी, भोपाल—के सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से मासूम बच्ची सुरक्षित अपने परिवार से मिल सकी। क्षेत्रवासियों ने पुलिस टीम की सराहना की है।

मानवता की मिसाल – पिपलानी पुलिस

न्यूज़ सोर्स : मोहम्मद नासिर खान संवाददाता भोपाल