रात्रि में छात्रावास में निवास न करने पर अधीक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित
कलेक्टर ने झाबुआ जिला मुख्यालय के जनजातीय सीनियर बालक छात्रावास क्रमांक-5 का किया औचक निरीक्षण
रात्रि में छात्रावास में निवास न करने पर अधीक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित
झाबुआ जिले के अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रावासी में निवास नहीं करते हैं छात्रावास अधीक्षक
पूर्व में भी कई छात्रावास में अध्ययनरत छात्र छात्राओं ने घटिया भोजन, लेखन सामग्री व खेल सुविधाओं से वंचित होने पर आंदोलन भी किया गया था
झाबुआ, कलेक्टर नेहा मीना द्वारा झाबुआ नगर में स्थित जनजातीय सीनियर बालक छात्रावास क्रमांक-5 का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की व्यवस्थाओं, छात्रों की सुविधाओं एवं अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति की गहन समीक्षा की गई।
निरीक्षण के समय अधीक्षक छात्रावास में अनुपस्थित पाए गए। छात्रावास में निवासरत छात्रों द्वारा भी अवगत कराया गया कि अधीक्षक रात्रि के समय छात्रावास में निवास नहीं करते। लगातार संपर्क किए जाने के उपरांत लगभग एक घंटे बाद अधीक्षक मौके पर उपस्थित हुए। कलेक्टर द्वारा पूछे जाने पर अधीक्षक ने स्वयं स्वीकार किया कि वे रात्रि में छात्रावास में निवास नहीं करते। उक्त गंभीर लापरवाही को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अधीक्षक के छात्रावास में निवास न करने की स्थिति में संबंधित बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) को भी नोटिस जारी किया जाए। इसके अतिरिक्त क्षेत्र संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग श्री अरुण मिश्रा को मौके पर बुलाए जाने पर जानकारी प्राप्त हुई कि वे अनाधिकृत रूप से मुख्यालय से अनुपस्थित थे। इस पर कलेक्टर ने उन्हें भी नोटिस जारी किए जाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान यह भी ज्ञात हुआ कि छात्रावास में छात्रों के वेलफेयर हेतु फ्रिज, वाशिंग मशीन, कंप्यूटर सिस्टम एवं ई-क्लासेस हेतु पैनल जैसी सामग्री क्रय की गई है, किंतु कई माह बीत जाने के बावजूद इन सामग्रियों का इंस्टालेशन नहीं किया गया है। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि समस्त क्रय की गई सामग्रियों का तत्काल इंस्टालेशन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही छात्रावास को प्राप्त बजट के उचित उपयोग की जांच हेतु स्टॉक रजिस्टर से मिलान करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि छात्रावास को प्राप्त होने वाला बजट पूर्णतः जनजातीय बच्चों के कल्याण के लिए है तथा उसका शत-प्रतिशत उपयोग उन्हीं के हित में किया जाना चाहिए। इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समस्त निर्देशों के पालन उपरांत 10 दिवस के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रों से संवाद भी किया। उन्होंने कक्षा 10वीं एवं 12वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी सुचारू रूप से करने, भविष्य के करियर पर फोकस बनाए रखने, समयबद्ध अध्ययन हेतु शेड्यूल बनाने, तनावमुक्त रहकर अध्ययन करने एवं आत्म-प्रेरणा बनाए रखने की समझाइश दी। साथ ही छात्रों को भोजन समिति का गठन कर भोजन मेन्यू की नियमित मॉनिटरिंग करने की सलाह दी। छात्रों द्वारा खेलकूद सामग्री की मांग किए जाने पर कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल शतरंज (चेस बोर्ड) उपलब्ध कराया गया।
सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग के प्रशिक्षण हेतु भोपाल प्रवास पर होने के कारण परियोजना अधिकारी, आईटीडीपी श्री आर.एस. बामनिया को कलेक्टर द्वारा समस्त निर्देशों के प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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