मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की राशि का अंतरण किया,मकर संक्रांति थीम पर जिला स्तरीय कार्यक्रम तलावली में आयोजित
महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं कलेक्टर की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम
लाड़ली बहनों को मकर संक्रांति की भेंट स्वरूप पोषण टोकरी प्रदान की
झाबुआ, 16 जनवरी 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा नर्मदापुरम जिले के माखन नगर से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया। जिले में 1 लाख 90 हजार 587 लाड़ली बहनों को 28 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया।
इस अवसर पर मकर संक्रांति की थीम पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन शासकीय हाई स्कूल तलावली के मैदान में किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया मुख्य अतिथि एवं कलेक्टर नेहा मीना विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि लाड़ली बहना योजना की राशि का अंतरण आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के करकमलों से किया जा रहा है। यह योजना प्रदेश की बहनों के जीवन में आत्मसम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है।उन्होंने कहा कि बहनों के जीवन में इस योजना से सकारात्मक परिवर्तन आया है। महिलाएं स्वाभिमान के साथ जीवन जी रही हैं और राशि की बचत कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि गर्भवती बहनों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। कुपोषण समाप्त करने के लिए विभागीय समन्वय के साथ महिलाओं की जागरूकता भी आवश्यक है।
उन्होंने तलावली से अपने पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ आकर बहनों को यह खुशखबरी देना भावनात्मक क्षण है। सुश्री भूरिया ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सुपरवाइजरों की नियुक्ति की जा रही है तथा मिनी आंगनवाड़ियों का उन्नयन किया जा रहा है। सरपंच द्वारा रखी गई आंगनवाड़ी भवनों की मांग को पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि सभी महिलाओं ने अपने परिश्रम, संकल्प और आत्मविश्वास से जो सफलता की कहानियाँ गढ़ी हैं, वे सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण का उदाहरण हैं। ये उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ी, विशेषकर हमारी बच्चियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
लाडली बहना योजना के अंतर्गत प्राप्त राशि का उपयोग सोच-समझकर करें। बचत को अपनी आदत बनाइए और राशि का सदुपयोग बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा पर करें, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित और सशक्त बन सके। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम होती हैं, तब इस राशि के उपयोग का निर्णय लेने का अधिकार पूर्णतः महिलाओं का है, यह आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि नियमित बचत अवश्य करें, ताकि किसी भी आपात या कठिन समय में यह आपके और आपके परिवार के काम आ सके। सभी को मकर संक्रांति के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ। यह पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए।
सरपंच श्री राम सिंह भूरिया ने कहा कि ग्राम पंचायत में लाड़ली बहनों को ₹1500 की राशि प्रदान करने हेतु यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
कार्यक्रम में नर्मदापुरम जिले के माखन नगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा गया।
लाड़ली बहनों की प्रेरक कहानियाँ
बहन सुमित्रा खपेड़ ने लाडली बहना योजना की राशि का सराहनीय उपयोग किया। उन्होंने वर्ष भर राशि नहीं निकाली और बचत से सिलाई मशीन खरीदी। आज वे सिलाई कार्य कर आत्मनिर्भर बनी हैं और बच्चों की पढ़ाई में सहयोग कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि उनका सपना पुलिस में जाने का था, जो पूरा नहीं हो सका, लेकिन अब वे अपनी बेटी को पढ़ा-लिखाकर पुलिस की तैयारी करवाएँगी। यह उदाहरण योजना की राशि के सदुपयोग से महिला सशक्तिकरण को दर्शाता है।
लखपति दीदी रेखा पूर्व में मजदूरी करती थीं। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने चूड़ी की दुकान शुरू की। समूह से ₹30 हजार का ऋण लेकर आज उन्होंने बड़ी दुकान स्थापित की है और आत्मनिर्भर बनी हैं।
इसी तरह रोशनी निनामा ने समूह से जुड़कर सिलाई मशीन खरीदी। सिलाई कार्य से प्राप्त आय से उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाया, जो आज कॉलेज में अध्ययनरत हैं। ये उदाहरण महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियाँ हैं।
मकर संक्रांति विशेष गतिविधियाँ
कार्यक्रम में तिल के लड्डू व चक्की का वितरण किया गया तथा रस्सा-कशी, चेयर रेस, मेहंदी एवं रंगोली जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
नुक्कड़ नाटक एवं प्रमाण पत्र वितरण
प्रेरणा नुक्कड़ नाटक दल ग्राम पिपलिया द्वारा बाल विवाह रोकथाम पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथियों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से 10 लाड़ली बहनों को हितलाभ एवं मकर संक्रांति उपहार स्वरूप पोषण टोकरी प्रदान की गई तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री आर एस बघेल, तहसीलदार झाबुआ श्री सुनिल डावर, सहायक संचालक श्रीमती वर्षा चौहान, सहायक संचालक श्री बहादुर सस्तिया, सहायक संचालक श्री अजय चौहान अन्य, अधिकारी कर्मचारी, लाड़ली बहनाएं एवं स्कूली छात्राएं उपस्थित रहे।
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