MP: जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को लेकर आखिर जवाब देह कौन ?
झाबुआ मध्य प्रदेश: गर्मी का मौसम आते ही झाबुआ जिले की कुछ ग्राम पंचायतों में जल संकट उत्पन्न हो रहा है ग्राम पंचायतों में टंकी निर्माण से लेकर पाईप लाईन तक बिछाई जा चुकी है फिर भी आखिर इस जल संकट की वजह क्या है हमारे द्वारा झाबुआ जिले की अनेक ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों से मिल कर वहां की जल संकट की स्थिति को नजदीकी से जाना वही थांदला जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सेमल पाड़ा के ग्रामीण जन प्रतिनिधि मिथियास ने बताया कि हमारी ग्राम पंचायत में पहले हमारे फलियां में नल जल योजना से पीने का पानी आ रहा था हमने जो नल योजना में कार्यरत कर्मचारी को 6 माह तक भुगतान हर माह का भुगतान भी किया गया परंतु अब नल जल योजना की विद्युत मोटर खराब होने पर वर्तमान में पानी सप्लाई नहीं हो रही है

आखिर झाबुआ जिले की ग्राम पंचायतों में ऐसी स्थिति आखिर क्यों बन रही है ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को लेकर आखिर जवाब देह की जवाब दारी किसकी है ऐसी स्थिति से निपटने के लिए मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन के भोपाल के से दिनांक 24 2 2026 को एक आदेश पारित हुआ है कि प्रदेश के सभी ग्राम पंचायत को आदेश दिया कि जल संकट से बचने के लिए या जल संकट न उत्पन्न हो उसके लिए ग्राम पंचायत को अधिकार दिए गए हैं कि पांचवा वित्त आयोग या 15 वित्त आयोग की राशि से ग्राम पंचायत के अधीनस्थ जितने भी नल जल योजना है उनको सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पंचायत ग्राम पंचायत को विशेष अधिकार दिए गए हैं इसके बावजूद भी यदि जिले के ग्रामीण इलाकों में जल संकट उत्पन्न होता है तो यह जावेदारी ग्राम पंचायत की रहेगी पंचायत एवं एवं ग्रामीण विभाग मंत्रालय ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि नल जल योजना के अंदर अंतर्गत आने वाले उपकरण जैसे वाल विद्युत मोटर का मेंटेनेंस यदि मोटर खराब होती है इससे रिपेयरिंग काम पंचायत इस मद से कर सकती है वही देखने में आया आ रहा है कि झाबुआ जिले में कुल 713 नल जल योजनाओं के कार्य स्वीकृत हुए थे उसमें से 483 नल जल योजना पूर्ण होकर ग्राम पंचायत को phe विभाग के द्वारा हैंडोवर कर दिए गए हैं अब इन ग्राम पंचायत की जवाबदारी बनती है कि उन ग्राम पंचायत की जावेदारी है कि अपने-अपने ग्राम पंचायत के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी सप्लाई का काम व्यवस्थित रूप से करें परंतु इसके पश्चात भी देखने में आ रहा है कि जिले मे जल संकट को लेकर phe विभाग से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक का घेराव किया जा रहा है परंतु कोई जनप्रतिनिधि ग्राम पंचायत के जल संकट को लेकर पंचायत से सवाल जवाब नहीं कर पा रही है आखिर क्या कारण है
जबकि सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि पंचायत को जब नल जल योजना हैंड ओवर की कर दी जाती है तो इसकी संपूर्ण जवाबदारी ग्राम पंचायत की होगी ग्राम पंचायत को अधिकार दिया गया है कि नल जल व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए जो भी नल जल योजना में स्टाफ की आवश्यकता हो स्वयं पंचायत करें और पंचायत हर मांह उसका भुगतान कर्मचारियों को भी करें और पंचायत नल जल योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से नल जलकर भी वसूल किया जाए

जिले में 8 दिनों में दो बार जल संकट को लेकर phe विभाग झाबुआ की ऑफिस के बाहर जन प्रतिनिधि सहित ने ग्रामीणों के साथ रात्रि में भी
बैठे रहे थे जिला कलेक्टर ने जल संकट को दूर करने के लिए एक कमेटी गठित कर जांच कराने का आश्वासन दिया था परंतु आठ दिन के पश्चात भी जल संकट का समाधान नहीं निकलना तो कल फिर जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीण पीएचई ऑफिस के बाहर जमा हुए वहीं झाबुआ तहसीलदार ने भी जनप्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों को समझाने की भी कोशिश की परंतु जनप्रतिनिधि नहीं माने वह अपनी मांग पर अड़े रहे आखिर जन प्रतिनिधि वह ग्रामीण जनता जल संकट का समाधान के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच जनप्रतिनिधि वह ग्राम सचिव से समस्या का हल करने को क्यों नहीं कहती है देखने में यह आ रहा है की रात्रि को जब पीएचई विभाग के ऑफिस के बाहर बैठे रात्रि विश्राम भी वही किया भोजन भी वही किया यदि रात में कोई घटना ग्रामीणों के साथ हो जाती है तो आखिर इसके जवाब देही किसकी ...

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