शाबीर मंसूरी 

 

 

झाबुआ जिले में जल जीवन मिशन योजनाओं को लेकर करोड़ों रुपयों की लागत से पानी की टंकी निर्माण व पानी की पाइप लाइन का जाल बिछाया गया है वही झाबुआ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या बनी हुई है किसानों व ग्रामीण इलाकों में आ रही समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय किसान संगठन के पदाधिकारी सोमवार रात्रि में भी पीएचई ऑफिस के बाहर ही धरने पर बैठे । सभी लोगों के लिए वही चूल्हे पर भोजन बनाया गया और भोजन किया। 

इसके पहले संगठन के पदाधिकारियों की मुलाकात जिला कलेक्टर नेहा मीना से हुई। कलेक्टर ने फसल बीमा की समस्या के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

 

वहीं ई टोकन व्यवस्था लागू होने के बाद आ रही दिक्कतों के बारे में बताया गया कि जिला कलेक्टर नेहा मीना ने किसान नेताओं को बताया की इसमें जो भी होना है वह भोपाल स्तर से होगा। जल जीवन मिशन से जुड़ी परेशानी को लेकर कलेक्टर ने दल से नाम देने को कहा जिस पर एक कमेटी बनाकर जांच करवा ली जाएगी।

इस मामले में परमजीत सिंह ने बताया कि सुबह एक सूची बनाकर प्रशासन को दी जाएगी। जांच में सब सामने आ जाएगा।

सोमवार को सुबह से धरने पर बैठे ये पदाधिकारी दिन में अपर कलेक्टर सीएस सोलंकी से भी मिले । जहां कृषि विभाग एवं पीएचई के अधिकारियों को भी बुलाया गया था।

 

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे परमजीत सिंह ने बताया कि प्रशासन ने हमसे सूची मांगी है जहां जांच करवानी है। 

 

परम जीत का कहना है कि आज तो पहला दिन है अगर समाधान नहीं निकलता है तो धरना जारी रहेगा।

वही झाबुआ phe विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेंद्र मावी ने बताया की झाबुआ जिले में हमारे विभाग के द्वारा जितने भी कार्य किए गए हैं वह पूरी तरह पूर्ण हो गए हैं हमारे विभाग के द्वारा जिले की जिन ग्राम पंचायतों में पानी की टंकी से लेकर पाइप लाइन बिछाई गई थी हमने ग्राम पंचायतों को हैंड ओवर कर दिए गए हैं ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का सप्लाई ग्राम पंचायत एजेंसी ही कर रही है यदि कोई और समस्याएं आती है तो phe विभाग के द्वारा ग्राम पंचायतों को तकनिकी मार्गदर्शन दे कर पानी सप्लाई की समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा ।।

न्यूज़ सोर्स : शाबीर मंसूरी संवाददाता मध्य प्रदेश