झाबुआ जिले की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल

पेटलावद प्रशासन कब जागेगा।   

झाबुआ से दौलत भावसार

मध्य प्रदेश भाजपा सरकार की योजनाओं और मंशाओं पर पेटलावद प्रशासन एवं अधिकारी पानी फेरते हुए नजर आ रहा है 

पेटलाद प्रशासन के उदासीनता के चलते सरकार की महत्वपूर्ण योजना और कार्यक्रमों को जनता के बीच

क्रियान्वयन पेटलावद प्रशासन नहीं कर रहा है सर्प काटने से कई परिवारों के सदस्यों की अकाल मृत्यु हो जाने के पश्चात भी समाचार लिखे जाने तक उन्हें सरकार की तरफ से घोषित चार लाख की आर्थिक अनुदान प्राप्त नहीं हो रहा है 

जबकि इस प्रकार के प्रकरण में स्थानीय डॉक्टर कोतवाल पटवारी थानेदार सभी का पंचनामा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाता है उसेको भी नकारते हुए पेटलावद प्रशासन अपनी तानाशाही का प्रदर्शन करता नजर आता है जबकि उसे क्षेत्र से लोकप्रिय विधायक जो की वर्तमान में महिला बाल विकास मंत्री के रूप में मध्य प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व करती है के बावजूद प्रशासन उनकी सरकार की योजनाओं को उनके क्षेत्र में धरातल पर उतरने से क्यों पीछे हट रहा है यह विषय मंत्री के लिए भी विचारणीय हो सकता है?

या तो पंचनामा प्रतिवेदन देने वाले डॉक्टर कोतवाल पटवारी थानेदार गलत है या फिर जिला प्रशासन ने पेटलावद क्षेत्र में जिसे नियुक्त किया है SDM के पद पर वह गलत है यह विषय यक्ष प्रश्न बन शोध का विषय बनता जा रहा है? 

प्रदेश के महामहिम राज्यपाल 12 मार्च को झाबुआ जिले के दोरै पर

प्रदेश के महा महिम राज्यपाल महोदय अपने एक दिवसीय भ्रमण के दौरान झाबुआ जिले के आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे 

उपरोक्त प्रवास को लेकर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी प्रारंभ कर दी है 

एक दिवसीय प्रवास के बाद राज्यपाल महोदय गुजरात रवाना हो जाएंगे 

रंग पंचमी पर गैर निकालने का आयोजन 

झाबुआ जिले में वैसे तो धुलेटी की पररंग गुलाल अबीर और रंगों से होली खेली जाती है परंतु अब रंग पंचमी पर भी जिला मुख्यालय सहित जिले के क्षेत्र में रंग पंचमी का रंग जमने लगा है रंग पंचमी के अवसर पर गैर निकालकर जनता जनार्दन को रंगों में सरोवर किया जा रहा है 

इन गैरों में निर्वाचित जन प्रतिनिधि और नेता भी शामिल होते हैं 

कब नियुक्ति होगी वरिष्ठ पार्षदों की

राजनीतिक गलियारों में और विशेष कर भाजपा के गलियारों में जिले में यह चर्चा बजे पानियों में व्याप्त है की नगर पंचायत परिषद और नगर पालिका परिषद गांव में वरिष्ठ पार्षद के पद पर संगठन और शासन स्तर पर कब नियुक्तियां होगी? 

 

झाबुआ नगर पालिका परिषद बनी भ्रष्टाचार की परिषद

झाबुआ नगर पालिका परिषद इन दोनों अपने भ्रष्टाचार ऑन के कारण नगर की जनता के बीच चर्चित होती जा रही है बताया जाता है खाने को तो भाजपा शासित परिषद है परंतु कामकाज कांग्रेस के सारे पर परिषद के निर्वाचित पदाधिकारी कर रहे हैं भाजपा से जुड़े वार्डों में काम और विकास करने के बजाय वर्तमान परिषद कांग्रेस के वार्डों में ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है जबकि लोकसभा चुनाव विधानसभा चुनाव या नगर पालिका परिषद के चुनाव में कांग्रेस समर्थित वार्डो से भाजपा को वोट नहीं मिलते हैं फिर भी उन वार्ड को फोकस करना वर्तमान परिषद की नीति झाबुआ जनता जनार्दन से लगाकर भाजपाइयों के लिए आश्चर्य का विषय बनी हुई है 

झाबुआ नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद पर भाजपा उपाध्यक्ष पद पर भाजपा और स्थानीय समितियां में सभापति के रूप में भाजपा के पार्षद काबिज है फिर भी भाजपा के कार्यकर्ता हैरान और परेशान है 

बताया जाता है की अध्यक्ष के प्रतिनिधि अपने आप को अध्यक्ष के भूमिका में जनता जनार्दन के सामने पेश करते हुए नजर आते हैं और उनके द्वारा नगर के व्यापारी हो या मकान मालिक हो या ठेकेदार हो उनसे अध्यक्ष के नाम पर लाखों रुपए या मांगते हुए नजर आते हैं 

उपरोक्त बात के एक से अधिक प्रमाण हमारे प्रतिनिधि के बाद जनता ने उपस्थित होकर बताएं जिसके कारण भाजपा संगठन की छवि नगर में बिगड़ती जा रही है संगठन कर्ताओं को किशोर ध्यान देकर इसे सुधारने का प्रयास करना चाहिए अन्यथा अगली बार भाजपा को जनता न करने से चुके कि नहीं ऐसा जन्म टी के बीच चर्चाओं का दौरा चल रहा है? 

झाबुआ जिला आदिवासी बाहुल्य होकर यहां पदस्थ उच्च प्रशासनिक अधिकारियों का प्रयोगशाला का केंद्र बन जाता है वह अपने व्यक्तिगत छवि बनाने के लिए अपने ढंग से इस जिले में कार्यक्रमों को लागू कर प्रशंसा लूटने का जतन करते हुए नजर आते हैं और इसके चलते यह संपूर्ण जिला इन उच्च प्रशासनिक अधिकारियों का चारागाह भी बन जाता है और इस कार्य में यहां के पक्ष और विपक्ष से जुड़े जन प्रतिनिधि मौन धारण कर अपनी स्वीकृति इन भ्रष्ट उच्च अधिकारियों को देते हुए नजर आते हैं 

मध्य प्रदेश सरकार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जिले के और अपना विशेष ध्यान केंद्रित कर इन बेलगाम उच्च प्राथमिक अधिकारियों को नियंत्रित करें 

छापरी गैंग के भय से कब मुक्त होगा झाबुआ जिला

झाबुआ जिला इन दोनों नशे के सौदा करो के जंगल में फंसा हुआ है यहां पर अब खेत नहीं गैंग जिसका नाम छपरी गैंग है के भय और आतंक से जिले की जनता तरसत नजर आती है 

इस गैंग के भय से झाबुआ जिले को पुलिस कब मुक्त करती है यह देखना अभी शेष है 

और अंत में

जिले में राजस्व विभाग में व्यापक स्तर पर नीचे से लगाकर ऊपर तक व्याप्त भ्रष्टाचार के समाचार और उसमें सिलेक्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई के समाचार जिले में सुर्खी में बने रहते हैं पिछले दिनों रामा विकासखंड में पदस्थ एक महिला पटवारी के द्वारा रिश्वत मांगने पर शिकायत के आधार पर निलंबित किया गया इसके पूर्व पेटलावद क्षेत्र में राजस्व से जुड़े पटवारी लोकायुक्त के घेरे में आए 

झाबुआ में पदस्थ पटवारी के द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के मामले भी अब धीरे-धीरे सुर्खियों में समाचारों के माध्यम से सामने आते जा रहे हैं 

नगर में रामकोला नाला प्रकरण हो या गुमटियों के प्रकरण हो या नामांतरण के प्रकरण हो या फिर सीमांकन का मामला हो सभी में पटवारी द्वारा लिए दिए जाने के बाद ही कार्रवाई की जाती है जो चिंताजनक है?

न्यूज़ सोर्स : साबिर मंसूरी संवाददाता मध्य प्रदेश