भास्कर करोंद संदेश एडिटर- इन-चीफ अनिल की वाणी,,,,

रीवा सिविल लाइन थाना क्षेत्र में ‘कपल केबिन’ का खेल, कैफे-रेस्टोरेंट बन रहे अनैतिक गतिविधियों के अड्डे,,,,

रीवा शहर में होटल के बाद अब कैफे और रेस्टोरेंट में बनाए गए ‘कपल केबिन’ गंभीर सवालों के घेरे में आ गए हैं,,,

 शहर की प्रमुख सड़कों और कोचिंग संस्थानों के आसपास खुले कई कैफे में इन केबिनों का इस्तेमाल खुलेआम अनैतिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है,,,

 लेकिन सिविल लाइन क्षेत्र पर हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई नहीं होती लेकिन सिविल लाइन का सिपाही जाता है और फिर यह कारोबार बेखौफ जारी है,,,

लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर यह सिलसिला थमता नजर नहीं आया,,,

कोचिंग क्षेत्रों के पास बढ़ रहे ‘कपल केबिन

शहर के उन इलाकों में सबसे ज्यादा कैफे और रेस्टोरेंट खुले हैं जहां बड़े-बड़े कोचिंग सेंटर संचालित होते हैं,,,,

कोचिंग पढ़ने आने वाले छात्र-छात्राएं इन कैफे के निजी केबिन बुक कर लेते हैं,,,,

 सूत्रों के अनुसार इन केबिनों को घंटे के हिसाब से किराए पर दिया जाता है जिससे यहां पढ़ाई के नाम पर आने वाले युवाओं के बीच गलत प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं,,,,

केबिन में दोगुना चार्ज, अलग से घंटों का किराया कैफे संचालकों ने इस व्यवस्था को कमाई का जरिया बना लिया है केबिन में बैठने वाले ग्राहकों से सामान का दाम दोगुना लिया जाता है, साथ ही केबिन उपयोग का अलग से मोटा चार्ज भी वसूला जाता है,,,,

सिविल लाइन थाने की व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कुछ होटलों और कैफे में बने केबिन लंबे समय से चर्चा में हैं,,,

आरोप यह भी है कि हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच एक पुलिसकर्मी वहां जांच के नाम पर पहुंचता है, जिसके बाद सब कुछ सामान्य घोषित कर दिया जाता है,,,

अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह जांच किस उद्देश्य से होती है और हर बार सब कुछ क्लीन कैसे मिल जाता है,,,

क्या वास्तव में वहां कोई अनियमितता नहीं है, या फिर जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है,,,

पहले भी सामने आ चुके हैं गंभीर आरोप

सूत्रों का दावा है कि इसी थाना क्षेत्र के कुछ होटलों के केबिन को लेकर पहले भी गंभीर घटनाओं और शोषण के आरोप सामने आ चुके हैं हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी गहराई से जांच अब तक सामने नहीं आ पाई है,,,,

अधिकारियों से कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि कोचिंग पढ़ने आने वाले युवाओं के बीच इस तरह की गतिविधियां समाज के लिए चिंताजनक हैं,,,,,

इसलिए पुलिस और आला अधिकारियों को संयुक्त रूप से जांच कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि कैफे और होटलों की आड़ में चल रहे इस खेल पर रोक लग सके,,,,,,

यह मामला केवल कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं हुई तो आने वाले समय में इसके और भी गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं,,,

अगले अंक में पढ़िए ,,,,,,, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कुछ होटलों के केबिनों की अंदरूनी कहानी, जहां से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं,,,

न्यूज़ सोर्स : भास्कर करोंद संदेश एडिटर- इन-चीफ अनिल की वाणी