बस्तर पंडुम ने किया बस्तर की पहचान को और मजबूत: पीएम मोदी
रायपुर|बीते कई सालों से जिस बस्तर को लंबे समय तक माओवाद, हिंसा और पिछड़ेपन से जोड़कर देखा जाता था, वह बस्तर अब अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और आत्मविश्वास के लिए देशभर में चर्चा का विषय बन रहा है. इसी बदलाव की एक बड़ी मिसाल है ‘बस्तर पंडुम’, जिसका आयोजन 7 से 9 फरवरी के बीच बड़े उत्साह और गरिमा के साथ किया गया. वहीं इसके आयोजन को लेकर PM नरेंद्र मोदी ने भी खास पोस्ट शेयर किया है.बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा – PM मोदी PM नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में ‘बस्तर पंडुम’ का विशेष आयोजन किया गया. इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा. इस प्रयास से जुड़े अपने सभी परिवारजनों को मेरी हार्दिक बधाई. ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.”पहले जब बस्तर का नाम लिया जाता था तो माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी. लेकिन अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं. आज बस्तर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है. मेरी यही कामना है कि यहां का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो.बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए अमित शाह बता दें कि 9 फरवरी को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर पंडुम के समापन पर जगदलपुर पहुंचे थे. यहां उन्होंने तीन दिवसीय बस्तर पंडुम का समापन किया. अमित शाह के स्वागत में जगदलपुर के हजारों स्कूली बच्चों के द्वारा “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गाने में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति दी. इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर जनजातीय समाज के जीवन में उपयोग होने वाले उत्पादों, हस्तशिल्प और कलाओं की जानकारी भी ली.
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