नेशनल गार्ड पर हमले के बाद अमेरिका ने अफगानियों के प्रवेश पर लगाई रोक
वॉशिंगटन। अमेरिकी विदेश विभाग ने अचानक ऐलान किया कि अफगान पासपोर्ट धारकों को सभी तरह के वीजा जारी करना तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। नए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुद इसकी पुष्टि की और लिखा, हमारे देश और हमारे लोगों की सुरक्षा से बड़ी कोई प्राथमिकता नहीं है।
यह कड़ा कदम बुधवार को वॉशिंगटन डीसी में हुए जानलेवा हमले के फौरन बाद लिया गया, जिसमें एक नेशनल गार्ड सैनिक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल है। हमलावर की पहचान 31 वर्षीय अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लाकनवाल के रूप में हुई है। लाकनवाल 2021 में बाइडन प्रशासन के ‘ऑपरेशन अलाइज वेलकम’के तहत अमेरिका लाया गया था। सीआईए ने पुष्टि की है कि उसने अफगानिस्तान में अमेरिकी खुफिया एजेंसी के लिए काम किया था। हमले के बाद लाकनवाल पर फर्स्ट डिग्री मर्डर के साथ-साथ हथियारबंद हमले के दो अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अलग से अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईए) के निदेशक जोसेफ एडलो ने घोषणा की कि अब हर शरण आवेदन पर फैसला तब तक रोका जाएगा, जब तक अधिकतम स्तर की जांच और स्क्रीनिंग पूरी नहीं हो जाती। इसका मतलब है कि फिलहाल कोई भी नया शरणार्थी अमेरिका में कानूनी दर्जा नहीं पा सकेगा। ट्रंप प्रशासन के आने के मात्र दस दिन के अंदर यह इमिग्रेशन नीति पर सबसे सख्त कार्रवाई मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2021 में आए करीब 76,000 अफगान शरणार्थियों की दोबारा जांच का रास्ता भी इससे खुल गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अफगान पासपोर्ट पर यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा, जब तक नई वीजा स्क्रीनिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। फिलहाल अफगान नागरिकों के लिए अमेरिका आने का एकमात्र रास्ता लगभग बंद हो चुका है।
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