चंबा में भूस्खलन से हालात बिगड़े, रावी नदी पार करने को मजबूर लोग
पंजाब और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाला पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे लैंडस्लाइड के कारण पूरी तरह बंद हो गया। दरअसल चंबा जिले के भरमौर में बत्ती हटी के पास रात करीब दो बजे पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। इस घटना के बाद वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। लैंडस्लाइड इतना बड़ा था कि सड़क का लंबा हिस्सा बड़े पत्थरों और मलबे से ढक गया और कई घंटे बीतने के बाद भी रास्ता साफ नहीं हो सका। सुबह 8:30 बजे तक भी मौके पर मलबा हटाने वाली मशीनरी नहीं पहुंची थी, जिससे फंसे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
दरअसल हाईवे बंद होने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सैकड़ों गाड़ियां सड़क पर फंसी रहीं, जिनमें स्थानीय लोग और बड़ी संख्या में पर्यटक भी शामिल थे। वीकेंड होने की वजह से इन दिनों हिमाचल के पर्यटन स्थलों जैसे भरमौर, डलहौजी, खजियार और धर्मशाला की ओर जाने वाले सैलानियों की संख्या ज्यादा रहती है। ऐसे में कई टूरिस्ट अपनी गाड़ियों में फंस गए और सड़क खुलने का इंतजार करते रहे, जिससे उनकी यात्रा की योजनाएं भी प्रभावित हुईं।
जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने लगे लोग
हालात इतने गंभीर हो गए कि कुछ लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने लगे। कुछ कामकाजी लोग और स्कूली बच्चे मलबे के ढेर के ऊपर से सावधानी के साथ गुजरकर सड़क पार करने की कोशिश करते नजर आए। वहीं कुछ लोग कड़ाके की ठंड और तेज बहाव के बावजूद रावी नदी के पानी में उतरकर दूसरी ओर पहुंचने की कोशिश करते दिखे। यह स्थिति काफी खतरनाक थी, क्योंकि जरा सी चूक से बड़ा हादसा हो सकता था।
इसी सड़क से चंबा और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंचते हैं
पठानकोट-भरमौर हाईवे चंबा जिले के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी रास्ते से स्थानीय लोगों का आवागमन और सामान की आवाजाही होती है, साथ ही पंजाब और अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटक भी इसी सड़क से चंबा और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंचते हैं। सड़क बंद होने से न सिर्फ यात्रियों को परेशानी हुई, बल्कि स्थानीय पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ा। छोटे दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और टैक्सी चालकों को भी नुकसान उठाना पड़ा।
लैंडस्लाइड के कई घंटे बाद तक राहत कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के प्रति नाराजगी दिखाई दी। लोगों का कहना था कि रात दो बजे घटना होने के बावजूद सुबह 8:30 बजे तक भी मलबा हटाने के लिए कोई मशीनरी नहीं पहुंची, जिससे उन्हें ठंड में सड़क पर इंतजार करना पड़ा। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि मलबा जल्द हटाकर हाईवे को सुरक्षित तरीके से फिर से यातायात के लिए खोला जाए, ताकि फंसे हुए लोग अपने गंतव्य तक पहुंच सकें और आवाजाही सामान्य हो सके।
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