भोपाल। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने देशभर के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सात दशकों से अधिक की समर्पित सेवा के उपलक्ष्य में अपने '75वें सेवा वर्ष' समारोह की शुरुआत की। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण दिया।

इस अवसर पर सांसद (लोकसभा) एनके प्रेमचंद्रन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी, ईपीएफओ के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की निदेशक मिचिको मियामोटो और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विकास और सुधार की यात्रा

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने संस्थान की यात्रा को राष्ट्र सेवा और सुधार का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 1952 में लगभग 1.2 लाख लाभार्थियों और एक औषधालय से शुरू हुआ ईएसआईसी (ESIC) आज 166 अस्पतालों, 17 मेडिकल कॉलेजों और लगभग 1,600 औषधालयों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों की सेवा कर रहा है।

स्वास्थ्य ही सेवा है

डॉ. मांडविया ने जोर देकर कहा कि "स्वास्थ्य ही सेवा है और सेवा ही हमारा संस्कार है।" उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों से अनुशासन बनाए रखने और लोगों के भरोसे का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ईएसआईसी के मानकों को एम्स (AIIMS) जैसे प्रमुख संस्थानों के बराबर होना चाहिए।

प्रमुख घोषणाएं और पहल:

निशुल्क स्वास्थ्य जांच: श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए अनिवार्य और मुफ्त स्वास्थ्य जांच का प्रावधान किया गया है।

स्मारक सिक्का और पुस्तक: निगम की 75 वर्षों की यात्रा के प्रतीक के रूप में एक स्मारक सिक्का और 'ईएसआईसी@75' कॉफी टेबल बुक जारी की गई।

स्वास्थ्य रथ: लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 'स्वास्थ्य रथ' पहल की शुरुआत की गई।

समझौता ज्ञापन (MoUs):

ESIC और NHA: आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के साथ ईएसआई योजना के समन्वय के लिए।

ESIC और NABL: ईएसआईसी स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता आश्वासन और मान्यता (Accreditation) को बढ़ावा देने के लिए।

विशेष सेवा पखवाड़ा

ईएसआईसी 24 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक देश भर में 'विशेष सेवा पखवाड़ा' मनाएगा। इस दौरान जागरूकता शिविर, स्वच्छता अभियान, योग शिविर और लंबित दावों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

श्रम सचिव वंदना गुरनानी ने कहा कि ईएसआईसी न केवल बीमारियों का इलाज कर रहा है, बल्कि गरीबी को रोकने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे रहा है। 75वां स्थापना दिवस ईएसआईसी की श्रमिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और एक आधुनिक, संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा संस्थान के रूप में इसके विकास को दोहराता है।

न्यूज़ सोर्स : Moin Khan