द्रविड़ पार्टियों का दबदबा बरकरार या स्टार पावर का कमाल? आज तय होगी दिशा
चेन्नई: महीनों के धुआंधार प्रचार के बाद तमिलनाडु आज एक निर्णायक चुनावी महासंग्राम का साक्षी बन रहा है। राज्य की सभी 234 सीटों पर आज मतदान हो रहा है, जहाँ पारंपरिक द्रविड़ दलों का मुकाबला इस बार तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की नई चुनौती से है।
मतदान का समय और तैयारियां
आज यानी 23 अप्रैल को सुबह 7:00 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो शाम 6:00 बजे तक चलेगी। राज्य के 5.67 करोड़ से अधिक मतदाता प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए 1.20 लाख पुलिसकर्मी और 3.40 लाख सरकारी कर्मचारी तैनात किए गए हैं। चुनावी नतीजे 4 मई को घोषित होंगे।
मतदाता आंकड़े और सुरक्षा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक के अनुसार, राज्य में कुल 5.73 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या (2.93 करोड़) पुरुषों (2.80 करोड़) से अधिक है। इस बार 14.59 लाख युवा मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र बलों और फ्लाइंग स्क्वाड की पैनी नजर है।
त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
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डीएमके (उगता सूरज): मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि 'द्रविड़ मॉडल 2.0' और जनकल्याणकारी योजनाओं के दम पर सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में हैं।
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एआईएडीएमके (दो पत्ते): ई.के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में यह दल भाजपा के साथ गठबंधन कर मजबूती से मैदान में है।
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टीवीके: अभिनेता से नेता बने विजय की नई पार्टी की एंट्री ने इस मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है।
प्रचार के प्रमुख मुद्दे
राहुल गांधी ने एआईएडीएमके-भाजपा गठबंधन पर निशाना साधते हुए इसे 'कठपुतली' करार दिया, वहीं मुख्यमंत्री स्टालिन ने इस चुनाव को राज्य के अधिकारों की लड़ाई बताया। डीएमके के घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कई 'सुपरस्टार' योजनाओं का वादा किया गया है।
अब देखना यह है कि जनता एक बार फिर द्रविड़ मॉडल पर भरोसा जताती है या राजनीतिक बदलाव को चुनती है।
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