क्या EOW की कार्यप्रणाली से मध्य प्रदेश में अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है, मुख्यमंत्री ने दिया लिखित में जवाब 

विधायक पंकज उपाध्याय के सवाल का मुख्यमंत्री ने दिया जवाब 

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज 70 आपराधिक प्रकरणों में न्यायालय में वर्ष 2020 से 2025 तक 40 प्रकरण में आरोपी को सजा तथा 30 में आरोपी वरी हुए सजायाबी की दर 57 % रही वर्ष 1990 में दर्ज प्रकरण अपराध क्रमांक 45/90 में फैसला 33 साल बाद, क्रमांक 57/95 में 28 साल बाद एवं अपराध क्रमांक 24/96 में 29 साल बाद एवं अपराध क्रमांक 139/99 में 26 साल बाद हुआ सबसे कम अवधि में फैसला अपराध क्रमांक 12/22 में 1 साल में अपराध क्रमांक 65/21 में 2 साल तथा अपराध क्रमांक 43/21 में 4 साल में हुआ वर्ष 2020 से 2025 के 70 प्रकरणों में औसतन 13 साल 7 माह में फैसला हुआ.  

यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने विधायक पंकज उपाध्याय के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी ।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2020 से 2025 में 6 वर्ष में ईओडब्ल्यू को 19338 शिकायत औसतन 3223 प्रतिवर्ष प्राप्त हुई जनवरी 2026 के एक माह में 437 शिकायत प्राप्त हुई. 2020 से जनवरी 2026 तक प्राप्त 19775 शिकायतों में से 2624 यानी 14% को पंजीबद्ध किया गया तथा इस अवधि में मात्र 566 यानी 2.8% शिकायत पर अपराध पंजीबद्ध किया गया ।

 

 पंकज उपाध्याय ने कहा कि पूर्व विधायक पारस सकलेचा की रतलाम सीवरेज योजना में 100 करोड़ के भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच के लिए प्रमुख सचिव नगरीय विकास को भेज दिया गया जबकी EOW के संज्ञान में था कि सकलेचा ने 9.5.2025 को प्रमुख सचिव को शिकायत करने पर कार्रवाई नहीं होने पर EOW में शिकायत की उपाध्याय ने कहा की कार्रवाई के संबंध में ईओडब्ल्यू ने 1993 का सामान्य प्रशासन विभाग का जो पत्र दिया है वह शासकीय विभागो के लिए निर्देश हैं, आम जनता द्वारा की जाने वाली शिकायत के लिए नहीं है ईओडब्ल्यू की कार्यप्रणाली से अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है ।

न्यूज़ सोर्स : शाबीर मंसूरी संवाददाता मध्य प्रदेश