MP: झाबुआ जिले के मेघनगर थाने में ममता का अभिनंदन: उप निरीक्षक उषा अलावा का हुआ पुंसवन संस्कार, खाकी ने निभाया 'मायके' का फर्ज
मेघनगर। खाकी वर्दी के पीछे भी एक भावुक और संवेदनशील परिवार धड़कता है, इसका जीवंत उदाहरण झाबुआ जिले के मेघनगर पुलिस थाने में देखने को मिला। कर्तव्य की वेदी पर तैनात एक महिला पुलिस अधिकारी के जीवन के विशेष पड़ाव को पूरे थाने ने उत्सव बना दिया। मेघनगर थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक उषा अलावा के लिए आयोजित 'पुंसवन संस्कार' (गोद भराई) ने न केवल पुलिसकर्मियों का दिल जीता, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी प्रवाहित किया।
थाना बना खुशियों का आंगन-
आमतौर पर जहाँ अपराध और कानून-व्यवस्था की चर्चा होती है, वहाँ मंगल गीतों और मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई दी। थाने के परिसर को इस अवसर के लिए विशेष रूप दिया गया था। यह आयोजन इसलिए भी अनूठा था क्योंकि एक महिला अधिकारी, जो दिन-रात जनता की सुरक्षा में तैनात रहती है, उसे उसके सहकर्मियों ने वह स्नेह और सम्मान दिया जो अमूमन घर के आंगन में मिलता है।
टीआई दिनेश शर्मा ने निभाई पिता की भूमिका-
इस आयोजन की सबसे भावुक कड़ी थाना प्रभारी दिनेश शर्मा का व्यवहार रहा। उन्होंने एक विभागीय वरिष्ठ अधिकारी न होते हुए उससे परे जाकर, एक पिता और परिवार के मुखिया की भूमिका निभाई। टीआई शर्मा ने पूरी संस्कार पूजन विधि में पिता के रूप में सहभागिता की और अपनी सहकर्मी को आशीर्वाद दिया। पुलिस विभाग के इस 'पारिवारिक स्वरूप' ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावविभोर कर दिया।
वैदिक पद्धति से संपन्न हुआ संस्कार-
पुंसवन संस्कार की संपूर्ण विधि पंडित अरविंद भट्ट द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई गई। इस अवसर पर मौजूद रहकर विदुषी साध्वी वैष्णवी भट्ट ने श्रीमद्भागवत पुराण के प्रथम स्कंध, अध्याय 8 और 12 के श्लोक को सुनाया ओर स्वस्थ्य की कामना की।
पूजन के दौरान आने वाले शिशु के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और प्रखर बुद्धि की कामना की गई। साथ ही, माता उषा अलावा के अच्छे स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं।
कार्यक्रम में थाने के समस्त पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्य की व्यस्तता और तनावपूर्ण माहौल के बीच, सभी कर्मचारियों ने मिलकर खुशियां बांटीं। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि हम एक टीम नहीं, बल्कि एक परिवार हैं। जब हमारा कोई साथी व्यक्तिगत जीवन के सुखद मोड़ पर होता है, तो उसकी खुशी मनाना हमारी जिम्मेदारी है।
एक अनूठी और सकारात्मक पहल-
पुलिस थाने में इस प्रकार का आयोजन अपने आप में अनूठा है। अक्सर पुलिस की छवि सख्त और नीरस मानी जाती है, लेकिन मेघनगर पुलिस ने इस आयोजन के माध्यम से यह सिद्ध कर दिया कि संवेदनशीलता और अपनापन उनके कार्यबल का अभिन्न हिस्सा है।
सकारात्मक पहल: सहकर्मी की खुशियों में शामिल होना भी कर्तव्य है-
एसपी डॉ शिवदयालसिंह ने मेघनगर थाने की इस पहल को सकारात्मक बताया। ड्यूटी पर तैनात रहते हुए हम एक परिवार का हिस्सा है। सहकर्मी की खुशियों में शामिल होकर उसके साथ खड़े रहना यह भी एक सोश्यल पुलिसिंग का हिस्सा है। यह एक अच्छी पहल है। ऐसे आयोजनों से महिला पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है और कार्यस्थल पर एक स्वस्थ व सकारात्मक वातावरण निर्मित होता है।
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