वाराणसी में धार्मिक माहौल बनाए रखने के लिए मांस की बिक्री पर रोक, उल्लंघन पर ₹5000 का जुर्माना ठोंका
वाराणसी नगर निगम द्वारा जैन तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के जन्मदिवस के अवसर पर 15 दिसंबर को नगर की सभी मीट मुर्गा मछली की दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया गया था | बावजूद इसके निगम के आदेश की अनदेखी की गई, कुछ दुकानों पर खुले में मछलियां बिकीं, जिसके बाद अब ऐसे दुकानदारों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है |
नगर निगम द्वारा दिए आदेश के बाद 15 दिसंबर को पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में अलग-अलग इलाकों का निरीक्षण किया गया. इस दौरान आधार दर्जन दुकान खुले नजर आए. इन दुकानों में खुलेआम मछलियां बेची जा रही थी, जिसके बाद इन दुकानों पर प्रशासन द्वारा एक्शन लिया गया है |
निरीक्षण के दौरान कई दुकानें खुली मिलीं
वाराणसी नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार 15 दिसंबर को नगर ने सभी मीट मछली मुर्गा की दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया था. जिसे लेकर सोमवार को पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में निरीक्षण किया गया. नगर निगम की टीम शहर में लगने वाली मीट-मांस की दुकानों पर पहुंची और निरीक्षण किया |
निगम ने लगाया 5 हजार का जुर्माना
इस दौरान वाराणसी जनपद के नदेसर, नई सड़क, बेनियाबाग, जगतगंज, चौकाघाट इलाके में निरीक्षण किया गया. जिसमें आधा दर्जन से ज्यादा दुकानें निगम के आदेश का उल्लंघन करते हुए खुले हुए नजर आए. जिन पर कार्रवाई करते हुए उन दुकानों से मछली को जब्त किया गया. इसके अलावा उन दुकानों पर 5000 रुपया जुर्माना लगाया गया है |
वाराणसी नगर निगम की तरफ से दुकानदारों को हिदायत देते हुए कहा गया है कि भविष्य में भी धार्मिक अवसर पर मीट मुर्गा मछली की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया जा सकता है. ऐसे में अब उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की टीम ने इन दुकानदारों को आगे नियमों का सख्ता से पालन करने के निर्देश दिए हैं |
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