तबीयत बिगड़ने पर शरद पवार भर्ती, बारामती दौरा टला—सुप्रिया सुले ने बताया हाल
मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के प्रमुख और राज्यसभा सांसद शरद पवार को मंगलवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 85 वर्षीय दिग्गज राजनेता को रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल लाया गया है। स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उनका प्रस्तावित बारामती दौरा भी रद्द कर दिया गया है।
बेटी सुप्रिया सुले ने दी स्वास्थ्य की जानकारी
पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि घबराने की कोई बात नहीं है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा:
"आदरणीय पवार साहब को केवल नियमित जांच और आवश्यक मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल लाया गया है। उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की जा सकेगी।"
अस्पताल प्रशासन ने भी पुष्टि की है कि उनकी स्थिति गंभीर नहीं है और वे विशेषज्ञों की निगरानी में हैं। गौरतलब है कि इसी साल फरवरी में भी सीने में संक्रमण के चलते उन्हें पुणे के एक अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था, जिससे उबरने के बाद वे पुन: सक्रिय हो गए थे।
कार्यकर्ताओं में हलचल, दौरे पर लगी रोक
शरद पवार के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलते ही उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में चिंता देखी गई। मंगलवार को उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र बारामती में कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में शिरकत करनी थी, जिसे डॉक्टरों की सलाह के बाद फिलहाल टाल दिया गया है। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और अस्पताल परिसर में भीड़ न जुटाने की अपील की है।
व्हीलचेयर पर शपथ और राजनीति में सक्रियता
बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य बाधाओं के बावजूद शरद पवार की राजनीतिक सक्रियता कम नहीं हुई है। हाल ही में उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली थी, जिसने उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाया था। उनके करीबियों के अनुसार, निरंतर व्यस्तता और कार्यभार के कारण डॉक्टर उन्हें समय-समय पर आराम की सलाह देते रहते हैं।
जुआ खेलने वालों पर कार्रवाई, गोरखपुर CSP की दबिश में 10 गिरफ्तार
नारी शक्ति वंदन मुद्दे पर 27 अप्रैल को MP विधानसभा में चर्चा
भोपाल: CM हाउस के पास लूट मामले में कार्रवाई, थाना प्रभारी हटाए गए, स्पेक्टर नीलम पटवा को थाना प्रभारी (TI) का प्रभार
आईपीएस एसोसिएशन मध्यप्रदेश बोला—अधिकारी का अपमान बर्दाश्त नहीं, विधायक पर हो एक्शन
इंसानियत की जीत: समय पर मदद से बची मां और बच्चे की जान
PHE विभाग में घूस का खेल उजागर, दो कर्मचारी फंसे