संविधान और संघीय ढांचे की हुई जीत; जयराम रमेश ने विशेष सत्र के नतीजों को सराहा
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र को लोकतंत्र और संविधान की जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस सत्र ने 'बुलडोजर' और 'परिसीमन' की राजनीति को परास्त किया है। रमेश के अनुसार, सरकार की असली मंशा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन का खेल था।
अधिसूचना पर उठाए सवाल:
जयराम रमेश ने सवाल किया कि जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित हुआ था, उसे 16 अप्रैल की रात अचानक क्यों अधिसूचित किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत में खोट है, क्योंकि बिल में सीटों की अनुपातिक हिस्सेदारी को लेकर कोई स्पष्ट संवैधानिक उल्लेख नहीं है।
जाति जनगणना पर घेरा:
कांग्रेस नेता ने केंद्र पर निशाना साधते हुए पूछा कि सरकार जाति जनगणना से क्यों भाग रही है? उन्होंने असम और जम्मू-कश्मीर के परिसीमन का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली भरोसे के लायक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जाति जनगणना की प्रक्रिया साफ नहीं होती, तब तक सरकार के दावों पर विश्वास करना मुश्किल है।
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