रीवा के सिविल लाइन थाना की चौकी के बगल में खुलेआम फल-फूल रहा सट्टा कारोबार सिविल लाइन थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र मिश्रा की अनदेखी पर उठे सवाल

रीवा शहर में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की जिम्मेदारी जिस थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र मिश्रा और उनकी पुलिस पर है, उसी के इलाके में अब सट्टा कारोबार खुलेआम संचालित होता दिखाई दे रहा है,,,

 सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पुराने बस स्टैंड चौकी के पास इन दिनों सट्टा बाजार खुलेआम चलने की चर्चा जोरों पर है,,,,

रीवा के चाय पान ठेले की दुकानों में बैठे लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से सट्टे का खेल जारी है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई होते नजर नहीं आ रही,,,,

सूत्रों और वीडियो के अनुसार, जो सट्टा कारोबार पहले चोरी-छिपे संचालित होता था अब सिविल लाइन में कथित तौर पर खुलेआम कुर्सी-टेबल लगाकर चलाया जा रहा है,,,

 आसपास के लोगों का कहना है कि सट्टे का यह कारोबार इतने व्यवस्थित तरीके से हो रहा है कि मानो कोई दफ्तर या कोचिंग संचालित हो रही हो,,,

 दिन के समय भी यहां लोगों की आवाजाही और सट्टा लगाने वालों की भीड़ देखी जा सकती है,,,,,

सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि पुराने बस स्टैंड चौकी के बिल्कुल पास यह गतिविधि संचालित हो रही है,,,,

 ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही,,,,

कुछ लोगों का आरोप है कि सट्टा कारोबार कथित रूप से एक सिपाही की देखरेख में संचालित हो रहा है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है,,,,

 फिर भी जिस तरह से खुलेआम यह गतिविधि जारी है, उससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं,,,

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर चौकी के नजदीक ही इस तरह का अवैध कारोबार चलता रहेगा, तो कानून-व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ेगा,,,,

 लोगों का यह भी कहना है कि इस पूरे मामले की उच्च अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके,,,

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सिविल लाइन थाना प्रभारी को इस पूरे मामले की जानकारी है,,,,

 यदि जानकारी है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। वहीं यदि जानकारी नहीं है, तो यह भी अपने आप में गंभीर विषय माना जा रहा है,,,

अब देखना यह होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस आला अधिकारियों क्या कदम उठाते है और क्या वास्तव में पुराने बस स्टैंड के पास चल रहे इस कथित सट्टा कारोबार पर रोक लगाई जाएगी या नहीं,,,

न्यूज़ सोर्स : भास्कर करोंद संदेश एडिटर-इन-चीफ अनिल की वाणी