भास्कर करोंद संदेश एडिटर-इन-चीफ अनिल की वाणी

क्या थाना जवा अब प्रचार का माध्यम बनता जा रहा है जवा थाना प्रभारी कमलेश साहू पर उठे सवाल,,,

रीवा जिले के जवा थाना क्षेत्र में पदस्थ टीआई कमलेश साहू इन दिनों चर्चाओं में हैं मामला उस विज्ञापन से जुड़ा बताया जा रहा है,,,

जिसमें एक अखबार और चैनल के लिए बधाई संदेश के रूप में हजारों रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आई है,,,

इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस हलकों से लेकर आम नागरिकों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं,,,

सबसे बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है कि क्या किसी थाने अथवा थाना प्रभारी को सरकारी पद पर रहते हुए किसी निजी या व्यावसायिक समाचार पत्र के पक्ष में विज्ञापन जारी करने का अधिकार है यदि हां, तो यह किस नियम या धारा के अंतर्गत आता है,,,,

मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, पुलिस सेवा नियम अथवा किसी अन्य शासकीय प्रावधान में ऐसी अनुमति का स्पष्ट उल्लेख है या नहीं यह जांच का विषय बन गया है,,,

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि शासकीय पद पर बैठे अधिकारियों को निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक होता है,,,

 किसी निजी चैनल या अखबार के समर्थन में सार्वजनिक विज्ञापन जारी करना आचार संहिता से जुड़ा विषय हो सकता है,,,

हालांकि इस संबंध में अभी तक विभागीय स्तर पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है,,,

इसी बीच एक अन्य मुद्दा भी सुर्खियों में है। क्षेत्र में हाल ही में एक ऐसी घटना की चर्चा रही जिसमें हथकड़ी सहित एक आरोपी के फरार होने का मामला सामने आया,,,

स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहे हैं कि जब कानून व्यवस्था की चुनौतियाँ मौजूद हैं, तब क्या प्राथमिकताएँ सही दिशा में तय हो रही हैं,,,

यह पूरा मामला अब सार्वजनिक विमर्श का विषय बन चुका है नागरिकों की मांग है कि यदि कोई वित्तीय या प्रशासनिक निर्णय लिया गया है तो उसकी पारदर्शी जानकारी सामने आनी चाहिए,,,

 साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि क्या इस प्रकार के विज्ञापन के लिए उच्च स्तर से अनुमति ली गई थी या नहीं,,,,

फिलहाल विभाग की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि इस संबंध में अधिकृत जानकारी सामने आती है तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी,,,

न्यूज़ सोर्स : अनिल शर्मा मध्य प्रदेश प्रमुख