77 करोड़ की सरकारी जमीन पर हेराफेरी? रिपोर्ट से मचा हड़कंप
मध्य प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. विधानसभा में पेश CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट (2018-23) के अनुसार प्रदेश में 77 करोड़ की जमीन पर वक्फ बोर्ड का कब्जा है. जांच में शामिल 81 संपत्तियों में से 41% वास्तव में सरकारी जमीन निकलीं,जिनमें स्कूल,पुलिस थाना,वन भूमि और यहां तक कि बैंक में गिरवी रखी जमीनें भी शामिल हैं. कहीं राजस्व की संपत्ति तो कहीं पर वन विभाग की जमीन धार्मिक यूज में चेंज करके मस्जिद मजारो के सहारे वक्फ में दर्ज हुई है|
MP वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने कहा-
इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि हमने तत्काल कलेक्टर्स को इस संबंध में विस्तार से जांच के आदेश दिए गए हैं. दूसरी तरफ एमपी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने साफ कहा है कि हमें जानकारी मिली है कि कैग की रिपोर्ट में लापवाही हुई है. अगर ऐसा है तो दोषियों पर कार्यवाही की जाएंगी. गलत तरीके से सरकारी जमीन को वक्फ में इंद्राज नहीं होने देंगे|
कलेक्टरों का शिथिल रवैया-CAG
वहीं रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पंजीकरण के पहले जिला कलेक्टरों को इस बारे में सूचित किया गया था लेकिन उनकी तरफ से अधिकांश मामलों में प्रक्रिया रोकने के लिए कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाया गया.CAG की तरफ से इसे शिथिल रवैया बताया गया है. सबसे चौंकाने वाला मामला भोपाल के मिसरोद क्षेत्र का है, जहां 3,600 वर्ग मीटर जमीन को नवंबर 2022 में इस आधार पर वक्फ के रूप में दर्ज कर दिया गया कि वह पहले कब्रिस्तान के रूप में उपयोग होती थी|
जश्न की वेदी पर चढ़ी किसानों की मेहनत; भुलाथ में आतिशबाजी ने मचाई तबाही
सियासी उबाल: कन्याकुमारी की रैली में राहुल ने बदला तमिलनाडु का चुनावी समीकरण
रोड शो और जनसभाएं: बंगाल के चुनावी समर में नितिन नवीन ने झोंकी पूरी ताकत
क्वेटा ग्लैडिएटर्स पस्त: 255 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य के सामने 137 पर सिमटी टीम।
254 रनों का पहाड़: आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स ने बनाया सीजन का सबसे विशाल स्कोर।
संविधान और संघीय ढांचे की हुई जीत; जयराम रमेश ने विशेष सत्र के नतीजों को सराहा
आबकारी विभाग की बड़ी उपलब्धि, सभी शराब दुकानें सफलतापूर्वक संचालित