रीवा संभाग में आईजी की गोपनीय सूची’ की फिर गूंज रीवा संभाग की तिजोरी से निकली फाइल ने बढ़ाई हलचल,,,,

रीवा संभाग में पुलिस महकमे की एक कथित गोपनीय सूची” को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है,,,,

 कुछ महीने पहले पुलिस के एक सार्वजनिक मंच पर आईजी गौरव राजपूत ने संकेत दिए थे कि विभाग के भीतर भ्रष्टाचार से जुड़े थाना प्रभारियों और सिपाहियों के नामों की एक सूची तैयार की गई है उस वक्त कहा गया था कि यह सूची 15 दिन का समय दिया गया था अब उचित समय का इंतजार था लेकिन अभी कुछ पत्रकारों के सामने लाई जाएगी,,,

हालांकि, समय बीतता गया और सूची सार्वजनिक नहीं हुई मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा था, लेकिन अब एक बार फिर पत्रकारों में वही फाइल की चर्चाओं के केंद्र में है,,,

आईजी गौरव राजपूत की तिजोरी से कब निकले गी फाइल, और पुलिस विभाग में बढ़ी गी हलचल,,,,

सूत्रों के मुताबिक हाल ही में आईजी कार्यालय में हुई पत्रकारों एक आंतरिक समीक्षा बैठक के दौरान उस सूची की कॉपी बाहर निकाली गई,,,

बताया जा रहा है कि आईजी ने स्वयं यह संकेत दिया कि सूची अब भी सुरक्षित है और इसमें संभाग के कई थानों तथा कुछ सिपाहियों के नाम दर्ज हैं,,,,

हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी नाम की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन पत्रकारों और पुलिस महकमे के भीतर यह चर्चा तेज हो गई है कि सूची जल्द ही किसी सामाजिक या प्रशासनिक कार्रवाई का आधार बन सकती है,,,,

किन थानों के नाम सवाल बरकरार

संभाग के किन-किन थानों के नाम उस सूची में शामिल हैं, इसको लेकर पत्रकारों में अटकलों का दौर जारी है,,,

 पुलिस लाइन से लेकर विभिन्न थानों तक फुसफुसाहट सुनी जा रही है। कई अधिकारी असहज दिख रहे हैं तो कुछ इसे महज दबाव बनाने की रणनीति बता रहे हैं,,,,

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सूची वास्तव में तैयार है, तो अब तक उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई क्या जांच प्रक्रिया अधूरी है, या फिर विभागीय स्तर पर कोई रणनीतिक इंतजार चल रहा है,,,

पारदर्शिता बनाम आईजी की गोपनीयता

पुलिस विभाग में पारदर्शिता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। यदि भ्रष्टाचार से जुड़े नामों की सूची वास्तव में मौजूद है, तो उसका सार्वजनिक होना विभाग की साख के लिए एक बड़ा कदम माना जाएगा,,,

न्यूज़ सोर्स : भास्कर करोंद संदेश एडिटर-इन-चीफ अनिल की वाणी,,,,,