झाबुआ में अस्थायी लिंक रोड पर दबंगों की दबंगई!
झाबुआ में अस्थायी लिंक रोड पर दबंगों की दबंगई!
सोमवार को जनता के लिए खुलने वाली सड़क बागड़ लगाकर बंद, ट्रस्ट की जमीन पर कब्जे का आरोप
नगरपालिका की सराहनीय पहल पर पानी फेरने की कोशिश, नागरिकों ने कलेक्टर व एसपी से हस्तक्षेप की मांग की
झाबुआ (संवाददाता)।
झाबुआ शहर में नाला सफाई अभियान के बाद तैयार हुए अस्थायी मार्ग को लेकर अब मामला नई दिशा में तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। नगर पालिका द्वारा जनभागीदारी से नाले के किनारे पक्की मुर्रम डालकर पैदल आवागमन एवं दोपहिया वाहन निकल सकें, ऐसा
अस्थायी मार्ग तैयार किया गया था, जो सोमवार से आम जनता के लिए खोला जाना था।
लेकिन इसी बीच दबंगों द्वारा बागड़ लगाकर मार्ग बंद कर दिए जाने का आरोप सामने आया है। इस घटनाक्रम ने नगर में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
ट्रस्ट की शासकीय निगरानी वाली जमीन पर कब्जे का गंभीर आरोप
स्थानीय नागरिकों द्वारा लगाए गए आरोप के अनुसार झाबुआ शहर के मध्य स्थित खाता-खसरा नंबर 130 व 104 की भूमि गोवर्धन नाथ मंदिर ट्रस्ट की बताई जा रही है, जिसके प्रबंधक कलेक्टर झाबुआ हैं।
शहरवासियों का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों से उक्त भूमि पर माली समाज के कुछ दबंग लोगों द्वारा कब्जा कर पक्के मकान बना लिए गए हैं, तथा वे ट्रस्ट और शासन-प्रशासन के निर्देशों को मानने की स्थिति में नहीं हैं।
नगरपालिका ने तत्परता से काम किया, जनसुविधा के लिए तैयार हुआ अस्थायी मार्ग
नगरपालिका द्वारा नाला सफाई कार्य के साथ-साथ जनहित में तत्परता दिखाते हुए अस्थायी मार्ग तैयार किया गया।
नाले के किनारे पक्की मुर्रम डालकर ऐसा रास्ता बनाया गया, जिससे क्षेत्रीय लोगों को—
पैदल आवागमन
दोपहिया वाहनों की आवाजाही
में सुविधा मिल सके।
शहर के नागरिकों ने नगर पालिका के इस कदम को सराहनीय पहल बताते हुए इसे वर्षों बाद मिली “विकास की सौगात” कहा।
पेड़ को लेकर विवाद, बावजूद इसके साइड से बनाई गई सड़क
स्थानीय जानकारी के अनुसार सड़क की शुरुआत में एक जंगली पेड़ था, जिसे कथित कब्जाधारियों द्वारा काटने नहीं दिया गया।
इसके बावजूद नगर पालिका/कार्यरत टीम द्वारा पेड़ को छेड़े बिना साइड से मार्ग बनाकर रास्ता तैयार कर दिया गया था।
आज बागड़ लगाकर बंद किया रास्ता, नागरिकों में रोष
नागरिकों का आरोप है कि आज दबंगों द्वारा बागड़ (घेराबंदी/अवरोध) लगाकर इस अस्थायी मार्ग को बंद कर दिया गया, जिससे वह सड़क जो सोमवार से आम जनता के लिए खुलने वाली थी, शुरू होने से पहले ही बाधित हो गई।
लोगों का कहना है कि—
“नगरपालिका ने शहर को जो अच्छी सौगात दी थी, वह दबंगों की वजह से चालू ही नहीं हो पाई।”
कलेक्टर व एसपी से हस्तक्षेप की मांग
घटना के बाद शहर के जिम्मेदार नागरिकों ने कलेक्टर महोदया, पुलिस अधीक्षक एवं प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर मार्ग खुलवाने की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि—
शहरहित में बनाए गए मार्ग को दबंगई से बंद करना गलत है
शासन/ट्रस्ट भूमि पर यदि अवैध कब्जा है तो कार्रवाई हो
मार्ग तुरंत खुलवाकर जनता को राहत दी जाए
प्रशासन के लिए “लिटमस टेस्ट”: कानून चलेगा या दबाव?
स्थानीय जनमानस में यह घटनाक्रम प्रशासन के लिए असली परीक्षा माना जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि इस मुद्दे पर त्वरित, निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई होती है, तो यह झाबुआ में अतिक्रमण के खिलाफ निर्णायक संदेश जाएगा।
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