दिग्विजय सिंह Vs शिवराज: क्या पूर्व मुख्यमंत्री की पदयात्रा ढहाएगी बीजेपी का किला? जानें मनरेगा विवाद की पूरी सच्चाई
Digvijaya Singh Padyatra: केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme) का नाम विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G-RAM-G) कर दिया है. विपक्ष इसे लेकर विरोध जता रहा है. कांग्रेस ने 5 जनवरी को देश भर में ‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ करने की घोषणा की है. अब राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के गढ़ में पदयात्रा करने वाले हैं.
दिग्विजय सिंह ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सीहोर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आत्मा की लड़ाई है. केंद्र सरकार योजनाओं से महात्मा गांधी का नाम मिटाना चाहती है, ये देश के इतिहास और आत्मा पर हमला है. कांग्रेस नेता ने बताया कि पदयात्रा सीहोर जिले के किसी ग्राम पंचायत से शुरू होगी, ताकि ग्रामीण भारत की आवाज सीधे दिल्ली तक पहुंचे. उन्होंने ये भी कहा कि ये वही ग्रामीण भारत है, जिसके लिए मनरेगा योजना बनी थी, जिसने लाखों गरीब परिवारों को रोजगार के साथ सम्मान दिया.
देशव्यापी प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
कांग्रेस 5 जनवरी को देशव्यापी प्रदर्शन करेगी. इसे ‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ नाम दिया गया है. कांग्रेस मनरेगा की जगह वीबी जी राम जी योजना लेकर आने का विरोध कर रही है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि केंद्र सरकार शायद ये बात भूल रही है कि मनरेगा नहीं होती तो लोग कोरोना के समय लाखों लोग भूखे मर गए होते. इससे लोगों को गारंटी के साथ रोजगार मिला. उन्होंने कहा था कि बीजेपी सरकार के इस फैसले को गरीबों का हक छीनने वाला बताया था.
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